पुलिस द्वारा मेरे साथ मारपीट कर हाजत में बंद करके गाली गलौज कर बल पूर्वक अपराधी बना डाला
मैं सूरज कुमार यादव उम्र 29 वर्ष पिता जागेश्वर यादव साकीन ग्राम- दुरोडीह, पोस्ट व् थाना- थाना- डोमचांच, जिला -कोडरमा का मूल निवासी हूँ। वर्तमान समय में जिला बीस सूत्री उपाध्यक्ष लीलावती मेहता के वाहन का नित्री चालक तौर पर कार्यरत हूँ।
मेरी घटना यह है
कि एक दिन मेरे घर पर 23 अक्टूबर
2023 की देर रात अचानक डोमचांच थाना प्रभारी अब्दुला खान तीन गाड़ी पुलिस
के साथ दल बल के साथ हमारे घर को चारो और से घेर लिया और फिर हमारे घर का मेन गेट
पुलिस पीटने लगा। जब हमारी माँ ने पूछा की कौन है। जब मेरी माँ दरवाज़ा खोलते ही माँ
ने पुलिस से पूछा किसे ढूंढने आये हैं। तब अब्दुल्ला खान जवानों के साथ बिना जवाब
दिये घर की तलाशी लेने लगे। घर में रखे सामानों को तितर बितर कर दिया। साथ ही कहा
की कोर्ट में जवाब देना होगा। और फिर मुझे गाली गलौग करते हुए जबरन रात में ही
मुझे पकड़ कर गाली गल्लोज मार पीट करते हुए होमचांच थाना पर लाकर मुझ से मेरा
मोबाइल छीन लिया गया और हजात में बंद कर दिया गया। जिसके बाद डोमनांव थाना प्रभारी
अब्दुना खाँ मेरे साथ फिर से मारपीट करते हुए गंदी गंदी गाली गलौज देते हुए कहा कि
जेवर दुकान लूटते हो। दिन में शरीफ बने फिरते हो और रात के अंधेरे में लूट फट करते
हो ऐसा डायरी लिखकर भेजेंगे की पुरा जिंदगी जेल में सड़ जाऐगा। लोग मेरा नाम में
कांपते है। हमको बढ़िया से पहचानते नहीं हो तुम्हारा मारकर देह पाड़ देगे। मारपीट
के दौरान मेरा बेल्ट और गले का लॉकेट आदि उत्तरवा दिया गया था।
मुझे थाना के
हाजत में तकरीबन 11 घंटे बंद रखा गया। इसी बीच थाना प्रभारी के दद्वारा कोडरमा से कुछ
साइबर सेल वाली को जांच करने बुलाया गया। मुझे फिर हाजत से बाहर निकला गया और एक
बार फिर से थाना प्रभारी अब्दुल्ला खान के द्वारा गली गलौज और मारपीट मेरे साथ किया
गया। जब इसकी सूचना हमारे घर वार्ता को मिली तो हमारी माँ जानकारी लेने डोमचांच
थाना पहुंची तो उन्हें कहा गया की झुमरीतिलैया में जेवर लूटकांड मामले में इसका
सीसीटीवी कैमरा में वीडियो आया हुआ है। मोबाइल आंच से भी पता चला है कि सूरज कुमार
जेवर लूट की घटना को अंजाम देने में शामिल है। फिर कोडरमा से पहुंचे साइबर सेल
वाली ने मेरा मोबाइल नंबर मेरा और पिता का नाम पूछा तो हमने सही-सही बताया। इसके
बाद मेरी मां से डोमचांच थाना प्रभारी अब्दुल्ला खाँ ने 24
अक्टूबर मंगलवार को एक सादे कागज पर बल पूर्वक हस्ताक्षर करवाकर मुझे थाना से छोड़
दिया गया। यह कहकर की गलती से तुम्हें उठा कर हजरत में बंद किया गया था। कोई दूसरा
सूरज कुमार यादव है। जो की जेवर लूट कांड घटना में शामिल था। इस प्रकार मेरे साथ
हुई घटना के कारण मेरी छवि काफी धूमिल हुई है। साथ ही मेरे साथ मारपीट होने के
कारण मैं काफी परेशान डरा सहमा हूं। गांव ग्राम में भी मेरा परिवार काफी बदनाम हुआ
है। पुलिस से मार पीट में हमारा तबियत खराब होने पर रेफरल आस्पताल में इलाज करवाए
। मुझे हाजत से निकलने के बाद अब्दुल्ला खाँ बड़ा बाबु बोले की इस घटना को किसी को
नही बताना नहीं तो पुरे परिवार को बर्बाद कर देगे जिसे मेरे पुरे परिवार काफी डरे
और सहमे हुए है।
मै चाहता हूँ कि
जिस पुलिस वाले ने मेरे साथ इस तरह की है उस पर कड़ी करवाई करते हुए उक्त दोषी
पुलिस कार्मी पर उचित कानूनी कार्रवाई किया जाए। और कानून हमें इन्साफ दे |
संघर्षरत पीडित
सूरज
कुमार यादव
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