“पानी माँगा था साहब, बदले में मिली मौत; मेरी बेटी की दुनिया उजड़ गई और चार बच्चों के सिर से पिता का साया उठ गया”
“ पानी माँगा था साहब , बदले में मिली मौत ; मेरी बेटी की दुनिया उजड़ गई और चार बच्चों के सिर से पिता का साया उठ गया” मेरा नाम मुन्नी बनवासी है। मेरी उम्र- लगभग 60 वर्ष , है। मेरे पति का नाम कमला बनवासी था। मैं ग्राम एवं पोस्ट गोसाईपुर मोहाव (बढ़की बारी) , थाना-चोलापुर , जिला-वाराणसी की रहने वाली हूँ।मेरी बेटी का नाम सीता देवी है। उसकी उम्र- लगभग 40 वर्ष है। उसके पति का नाम रामजनम बनवासी था। मेरी बेटी के चार बच्चे हैं | एक बेटी और तीन बेटे। सभी बच्चे अभी छोटे हैं। मेरी बेटी और मेरा दामाद मजदूरी करके किसी तरह अपने परिवार का पेट पालते थे।करीब एक वर्ष से मेरी बेटी अपने पति रामजनम के साथ कादीपुर कला , थाना-चौबेपुर , वाराणसी स्थित स्टार मार्का भट्ठे पर मजदूरी कर रही थी। गरीबी थी , लेकिन दोनों मेहनत करके अपने बच्चों को पाल रहे थे। मेरी बेटी को क्या पता था कि एक दिन उसका पति इस दुनिया से चला जाएगा और उसके बच्चों के सिर से पिता का साया हमेशा के लिए उठ जाएगा।मेरे दामाद की तबीयत कुछ समय से खराब चल रही थी। एक दिन उन्होंने मेरी बेटी सीता से कहा कि उन्हें उनकी बहन चिंता के पास रौनाबारी पहुँचा दे।...